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शिमला में राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से किया संवाद, बताया समाज का मार्गदर्शक

शिमला में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों से किया संवाद
बुजुर्गों को बताया सांस्कृतिक विरासत और अनुभव का संरक्षक
युवाओं में मूल्यों और अनुशासन विकसित करने का किया आह्वान


शिमला। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने राजधानी शिमला स्थित लोकभवन में वरिष्ठ नागरिकों के एक विशिष्ट समूह के साथ संवाद करते हुए उन्हें समाज की सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक अनुभव का संरक्षक बताया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, पूर्व सैनिक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे, जिन्होंने अपने अनुभवों और विचारों को साझा किया।

संवाद के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावों को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री वय वंदन योजना और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम की सराहना करते हुए कहा कि इन योजनाओं से बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं, आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिली है।

राज्यपाल ने इन सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की गरिमा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल नीति नहीं, बल्कि राष्ट्र की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश समावेशी और जन-केंद्रित शासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से आह्वान किया कि वे सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज में सक्रिय भूमिका निभाएं और युवाओं को मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग अपने अनुभवों के माध्यम से युवाओं में नैतिक मूल्य, अनुशासन और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की भावना विकसित कर सकते हैं।

राज्यपाल ने बदलते सामाजिक और तकनीकी परिवेश में मूल्य आधारित शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों में ईमानदारी, करुणा और बड़ों के सम्मान जैसे गुणों का विकास बेहद आवश्यक है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव युवाओं के साथ साझा करें ताकि समाज की नैतिक और सांस्कृतिक नींव और मजबूत हो सके।

इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने की अपील करते हुए कहा कि विकसित और समावेशी भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ नागरिकों ने विश्वास जताया कि राज्यपाल के मार्गदर्शन में प्रदेश में जन-केंद्रित शासन और सामाजिक समरसता को और मजबूती मिलेगी।